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Wednesday, 17 May 2017

गैस व पेटदर्द के घरेलु उपचार.

गैस व पेटदर्द –

गैस व पेटदर्द कभी ना कभी सभी को परेशान करता है। कुछ गलत आदत या मजबूरी जैसे समय पर भोजन ना कर पाना, रात को देर तक

जागते रहना, ज्यादा शारीरिक मेहनत करना, भूख लगने पर खाना नहीं खा पाना आदि से पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ता है। इसके अलावा

तेज मिर्च मसाले वाला भोजन, मैदा से बना हुआ, तला हुआ, देर से पचने वाला गरिष्ठ भोजन, ज्यादा बाहर होटल आदि में जाकर खाना,

शादी ब्याह में ज्यादा खा लेना आदि भी पेट दर्द और गैस के कारण बनते है।.
इन कारणों से पेट पर कार्य बोझ बढ़ जाता है। जिसके परिणाम स्वरूप पाचन सही ढंग से नहीं हो पाता और पेट में दर्द, गैस, एसिडिटी

आदि होने लग जाते है । गैस बनने पर पेट में दर्द होने लगता है। इसके अलावा इसकी वजह से पेट फूला हुआ रहना, भूख बंद होना,

अफारा आना जैसी परेशानियां भी होने लगती है। गैस जब ज्यादा बिगड़ती है तो जोड़ों में दर्द होना, घुटने में दर्द होना, सायटिका जिसमे दांये

पैर में दर्द होता है, इत्यादि समस्याएँ पैदा हो सकती है। अतः समय रहते इसका उपचार कर लेना ठीक होता है।



बरसात के मौसम में दूषित खाना खाने या दूषित पानी पी लेने से पेट में दर्द हो सकता है।
— आधी चम्मच अजवायन व चौथाई चम्मच काला नमक मिलाकर गुनगुने पानी के साथ लेने से गैस व पेटदर्द में आराम आता है।



— खाना खाने से आधा घंटे पहले आधा चम्मच अदरक के टुकड़े नमक और नींबू डालकर खाने से गैस व पेटदर्द की परेशानी नहीं होती।

आप अदरक पाचक घर पर बना कर रख सकते हैं ताकि जरूरत पड़ने पर उपयोग में ले सकें।

अदरक पाचक घर पर बनाने की विधि जानने के लिए यहाँ क्लिक करे।



— सप्ताह में एक व्रत या उपवास जरूर करना चाहिए। इससे पाचन तंत्र को शक्ति मिलती है। गैस नहीं बनती।



— हींग, काला नमक व मीठा सोडा समान मात्रा में मिलाकर लगभग आधा चम्मच, पानी के साथ लेने से गैस ठीक होती है।



— बाजार से हिंग्वाष्टक चूर्ण ले आयें। सुबह शाम आधी चम्मच चूर्ण में थोडा सा घी मिलाकर भोजन के शुरू के चार पांच कौर में खा ले फिर

बाकि खाना खाएं। बहुत फायदेमंद है। ठीक होने के बाद चूर्ण लेना बंद कर दें।



— छोटे बच्चो के पेटदर्द में चौथाई कप पानी में हींग घोलकर पेट पर तथा पैर के तलुओं पर लगाने से तुरंत आराम मिलता है।
— शहद व दालचीनी पाउडर समान मात्रा में मिलाकर लेने से गैस ठीक होती है।



— खाना ज्यादा खाने के कारण पेटदर्द हो तो एक गिलास पानी में एक नींबू का रस और नमक मिलाकर पीने से ठीक हो जाता है।



— वायु प्रकोप के कारण शरीर में कहीं भी दर्द हो, उसके लिए एक कप मिट्टी के तेल में 10 ग्राम कपूर मिला कर शीशी में भरकर कॉर्क

लगाकर धूप में आधा घंटे रख दें। फिर शीशी को हिलाकर रख लें। जब भी दर्द हो ये तेल लगा कर हलकी मालिश करके सिकाई कर लें।

दर्द दूर करने का ये बहुत ही अच्छा उपाय है।



— दो चम्मच बथुए का रस सेंधा नमक डालकर पीने से गैस में आराम आता है।



— त्रिफला चूर्ण रात को सोते समय लेने से पेट साफ रहता है और गैस नहीं बनती।



— कभी कभी गैस के गोले की वजह से पेट में भयंकर दर्द होता है। इसके लिए एक चम्मच अरंडी का तेल और एक चम्मच दही मिलाकर
खाने से तुरंत आराम मिलता है। इसे आधे घंटे बाद दुबारा भी लिया जा सकता है।



— मूली के रस में हींग व कालीमिर्च मिलाकर लेने से गैस ठीक हो जाती है।



— दालचीनी पाउडर गर्म पानी के साथ लेने से गैस में आराम आता है।



— पानी यदि मुँह ऊपर करके ऊपर से पानी डालकर पीते है तो ये तरीका बदले, क्योंकी ये गैस का कारण बनता है। पानी हमेशा गिलास

पर होठ लगाकर पिएं।

— कभी कभी नाभि खिसकने की वजह से भी पेट में दर्द हो सकता हैं अतः नाभि की जाँच भी कर लेनी चाहिए।.

एसिडिटी बिना दवा मिटाने के लिए लाएँ ये बदलाव.

एसिडिटी होने पर पेट में जलन, पेट फूलना, गैस बनना, जी घबराना आदि महसूस होते है। एसिडिटी की अंग्रेजी दवा लंबे समय तक लेने से

बहुत से साइड इफेक्ट हो सकते है। इसलिए खाने पीने में बदलाव और दिनचर्या तथा कुछ तौर तरीके में बदलाव से एसिडिटी की समस्या पर

काबू पाया जा सकता है। यदि एसिडिटी की शुरुआत है तो बिना किसी दवा के भी एसिडिटी ठीक की जा सकती है। आइये देखते है वो कोनसे

बदलाव है जिन्हें अपनाने से इस समस्या को काबू में किया जा सकता है।

कृपया ध्यान दें: किसी भी लाल अक्षर वाले शब्द पर क्लीक करके उस शब्द के बारे में विस्तार से जान सकते है।

कुछ विशेष प्रकार की खाने की चीजों से एसिडिटी की परेशानिया बढ़ सकती है। अतः इन्हें जानना जरुरी होता है। ताकि उनका परहेज किया

जा सके। इनको पचाने के लिए पेट में अधिक एसिड बनता है या ये पेट में एसिडिक प्रभाव पैदा करते है।
खाने पीने के सामान में बदलाव


एसिडिटी होने पर जिन वस्तुओं का परहेज करना चाहिए वे इस प्रकार है:



शराब, कोल्ड ड्रिंक, शक्कर, चॉकलेट, टमाटर की सॉस, तेज मिर्च मसाले, अधिक चिकनाई वाला खाना, तला हुआ खाना ( पुड़ी, थेपला,
परौठा, पकौड़ी, टिकिया, कटलेट्स आदि ) मैदा से बनने वाले सामान ( नान, कचोरी, समोसा, मठरी आदि ), फ़ास्ट फ़ूड ( पिज़ा, बर्गर

आदि ) तथा चाय, कॉफी ।



कुछ खाने की चीजें जो क्षारीय पेट में प्रभाव पैदा करती है जिनसे एसिडिटी कम हो सकती है वो ये है:



ताजे पके फल, कम रेशे वाली पकाई हुई सब्जियाँ जैसे फूल गोभी, खीरा, बैंगन, लहसुन, आलू, शलगम, हरी मटर, मशरूम,

काशीफल ( कददु ), आदि । इसके अतिरिक्त अंकुरित अनाज, गेहूं के ज्वारे, गाजर, अंगूर, नींबू,, तरबूज, बादाम, कददु के बीज,

जैतून का तेल आदि पेट में क्षारीय प्रभाव डालते है। इनसे एसिडिटी में आराम मिलता है।



एसिडिटी बिना दवा मिटाने के लिए अपनाएं ये तरीके


— रोजाना के नाश्ते, दोपहर का खाना तथा रात का खाना इनका समय निश्चित करें। इससे उसी समय पर पेट में एसिड बनेगा और यह

आपको एसिडिटी को कंट्रोल करने में मदद करेगा।



— खाना अच्छे से चबा कर और धीरे धीरे खाएँ। खाना बिना चबाये निगलने से उसे पचाने के लिए पेट में अधिक एसिड बनता है। अधिक

एसिड के कारण भोजन के पोषक तत्व भी पूरे नहीं मिल पाते।
— कुछ अंग्रेजी दवाएँ एसिडिटी बढ़ाती है। यदि आपको एसिडिटी रहती है तो डॉक्टर को अवश्य बताएं ताकि वह ऐसी दवा ना दे।



— गर्भवस्था में अक्सर एसिडिटी की समस्या हो जाती है। यहाँ बताये अनुसार तौर तरीके बदलने से उसमे भी आराम मिलता है।



— खाना खाने के तुरन्त बाद सामने की तरफ झुकने या एक्सरसाइज करने से सीने में जलन पैदा हो सकती है। अतः ये ना करें।



— पेट पर बहुत कस कर पहने हुए कपड़े या अधिक टाइट लगाई हुई बेल्ट एसिडिटी बढ़ा सकती है। इन्हें थोड़ा लूज़ रखें।



— सुबह खाली पेट एक गिलास गर्म पानी पीने से एसिडिटी में आराम मिलता है।



— खाना खाने के तुरंत बाद सो जाने से पाचन सही तरीके से नहीं हो पाता और अधिक मात्रा में एसिड बनता है । इसलिए सोने से दो तीन घंटे

पहले खाना खा लेना चाहिए। शाम के खाने के बाद कुछ देर पैदल भी घूमना चाहिए।



— सिगरेट पीने की आदत एसिडिटी बढाती है। स्मोकिंग छोड़नी चाहिए। पढ़ें नशे से मुक्ति पाने के उपाय।
— टेंशन के कारण एसिडिटी बढ़ सकती है। मानसिक तनाव से मुक्ति पाने के लिए प्राणायाम सीखना चाहिए।



— अपने पलंग को सर की तरफ से 5 -6 इंच ऊँचा कर लें। इससे एसिड रिफ्लक्स कम हो जाता है।



— खाना एक साथ अधिक मात्रा में खाने से बचें। इसके बजाय कम खाना थोड़ी थोड़ी देर से खाना चाहिए।



— भोजन के साथ कोल्ड ड्रिंक पीने से एसिडिटी बढ़ती है। भोजन के साथ तरल ना लें, कोल्ड ड्रिंक तो बिल्कुल नहीं लें।



— खाली पेट रहने से एसिडिटी बढ़ती है। तीन चार घंटे में पेट खाली हो जाता है। ऐसे में एसिड के कारण पेट की अंदरूनी सतह को एसिड

के कारण नुकसान हो सकता है। अतः हर तीन चार घंटे से कुछ खा लेने से एसिडिटी में आराम मिलता है।





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