Wednesday, 17 May 2017

गर्भावस्था में उल्टी और जी घबराना

गर्भावस्था में उल्टी और जी घबराना बहुत आम समस्या है। गर्भावस्था की शुरुआत के महीनो में लगभग ninety % महिलाओं को उल्टी और

जी घबराने की परेशानी होती है। ज्यादातर यह हल्का फुल्का ही होता है और इसके लिए किसी विशेष उपचार की जरुरत नहीं होती।

इसका कारण इस्ट्रोजन हार्मोन बढ़ना, तनाव, एसिडिटी, गंध ज्यादा आना इत्यादि हो सकते है। यह सभी को अलग तरह से यानि कम

या ज्यादा, कम देर तक या अधिक देर तक या किसी को कम दिन के लिए और किसी को अधिक दिनों तक हो सकता है। किसी को सिर्फ

जी घबराता है उल्टी नहीं होती और किसी को उल्टी भी होती है।.
यह सामान्यतया डेढ़ – दो महीने बाद शुरू होता है। ज्यादातर महिलाओं को यह चौथे महीने के बाद ठीक हो जाता है। हालाँकि कुछ को यह

पूरे समय भी हो सकता है। उल्टी होने या जी घबराने के कारण थोड़ी मुश्किल जरूर होती है पर परिवार के सदस्य और दोस्तों की मदद से

इससे आसानी से निपटा जा सकता है। बहुत ज्यादा उल्टी हो तो उपचार की आवश्यकता होती है क्योकि इसकी वजह से शरीर में पानी की

कमी होने की संभावना हो सकती है।
सामान्यतया उबकाई आने से या थोड़ी उलटी होने से बच्चे को नुकसान नहीं होता है। बच्चे को पोषक तत्व शरीर से मिलते रहते है।

बल्कि कुछ विशेषज्ञ गर्भावस्था में उल्टी होना या जी घबराने का मतलब गर्भावस्था की प्रक्रिया सही रूप से आगे बढ़ने का संकेत मानते है।

सामान्य तौर पर गर्भावस्था के शुरू के महीनो में होने वाली उल्टी या जी मिचलाने के लिए किसी टेस्ट आदि की जरूरत नहीं होती है। परंतु

यदि ऐसा बहुत ज्यादा हो या इसके कारण खाना पीना ही बंद हो जाये या तेजी से वजन गिरना शुरू हो जाये तब रक्त या पेशाब की जाँच
करवानी पड़ सकती है। क्योकि कभी कभी इसके दूसरे कारण भी हो सकते है।
गर्भावस्था में उल्टी व जी घबराना होने पर क्या करें – How to proceed

प्रेगनेंसी में थोड़ा बहुत जी मिचलाना या उल्टी हो जाना सामान्य होता है। इसके लिए किसी विशेष उपचार की जरूरत नहीं होती। खाने पीने

में और रहन सहन में थोड़ा बदलाव लाने से इनमे आराम मिलता है । नीचे लिखी कुछ बातों का ध्यान रखने से मदद मिल सकती है:

— गर्भावस्था में अपनी मर्जी से उल्टी की या जी मिचलाने की अंग्रेजी दवा ना लें । कोई भी अंग्रेजी दवा लेने से पहले डॉक्टर से जरूर

पूछ लें। जब तक ज्यादा जरूरत ना हो दवा ना लें।
— सुबह उठते समय झटके से ना उठे। सहारा लेकर धीरे से उठें। दो मिनट बैठे रहें फिर खड़े होना चाहिए।

— एक बार में अधिक भोजन ना लें। थोड़ा थोड़ा खाना चार पाँच में करके खाएं ।

— जिस भोजन में कार्बोहाइड्रेट अधिक हो ऐसा भोजन लें।

— खाली पेट बिल्कुल ना रहें। थोड़ा बहुत खाते रहने से इस परेशानी में कमी ही आती है।

— गर्म खाने में गंध आती हो तो थोड़ा ठंडा होने के बाद खाएं।

— खाना बनाते समय उबकाई आती हो तो कुछ समय के लिए खाने की कोई दूसरी व्यवस्था कर लें। या जल्दी सुबह के बजाय थोड़ी देर से

खाना बनायें। जिस सब्जी या दाल को बनाने से ज्यादा परेशानी होती हो वो ना बनायें।

— कभी कभी किसी विशेष परिस्थिति के कारण उबकाई आने लगती है। ऐसी परिस्थिति से बचने की कोशिश करें। जैसे कोई विशेष प्रकार की गंध या किसी प्रकार का तनाव आदि ।
— थकान हो जाये इतना काम न करें। थकान होने पर उल्टी और जी घबराना बढ़ सकता है।

— पानी पर्याप्त मात्रा में पियें। पानी कितना पीना चाहिए यह जानने के लिए यहाँ क्लिक करें।

— कोल्ड ड्रिंक, शराब आदि नुकसान करने वाले ठन्डे पेय ना लें।

— गर्भावस्था के समय आयरन की गोलियां शुरू करनी पड़ती है । कभी कभी इन गोलियों के कारण जी मिचलाने लगता है। ऐसे में डॉक्टर

से इनको बदल कर दूसरी तरह की दवा देने का अनुरोध कर सकते है।

— प्रेग्नेंट होने पर थोड़ा बहुत खुली और ताजा हवा में पैदल घूमना फिरना अच्छा रहता है। इससे मन भी खुश रहता है। कब्ज परेशान नहीं

करती। पेट साफ होने से जी मिचलाना कम होता है।

— कपड़े आराम दायक पहनने चाहिए।

— उल्टी होने के बाद थोड़ा सा नमक अंगुली में लेकर दांतों पर हल्का सा रगड़ कर कुल्ला कर लेना चाहिए।

गर्भवस्था में उल्टी व जी मिचलाने के घरेलु नुस्खे
Gharelu Nuskhe with regard to Early morning Illness


— चावल – 50 ग्राम धोकर एक गिलास पानी में भिगो दें। आधा घंटे बाद इसमें एक चम्मच धनिया पाउडर डाल दें। तीन-चार घंटे बाद पानी

को मसल कर छान लें। यह पानी थोड़ा थोड़ा करके चार पाँच बार में पियें । इससे उल्टी होना कम होता है।

— नींबू को काटकर बीज निकाल दें। कटे हुए नींबू पर थोड़ा सेंधा नमक और काली मिर्च पाउडर डालकर चूसने से उल्टी और जी मिचलाना

कम हो जाता है।

— हरा धनिया ( धनिये की पत्ती ) का रस रस निकाल कर एक एक चम्मच लेते रहने से उल्टी होना बंद होता है।

— संतरा और अनार खाने से उल्टी में आराम मिलता है।

— दो चम्मच भुने हुए चने का सत्तू पाउडर एक गिलास पानी में घोलकर इसमें स्वाद के लिए चीनी या नमक मिलाकर पीने से उल्टी और जी

घबराना कम होता है।

— नारियल पानी पीने से फायदा मिलता है। इससे एसिडिटी भी कम होती है और भरपूर पोषक तत्व भी मिलते है। नारियल पानी के पोषक

तत्व और अन्य जानकारी पाने के लिए यहाँ क्लिक करें।

— आधा चम्मच प्याज का रस और आधा चम्मच नींबू का रस मिलाकर इसमें सेंधा नमक मिलाकर चाटने से उल्टी और जी मिचलाना कम

होता है।

गर्भावस्था में उल्टी व उबकाई के लिए कब डॉक्टर से संपर्क जरुरी होता है

गर्भावस्था में उल्टी होना सामान्य होता है, यह सभी को पता भी होता है। लेकिन यह भी हो सकता है की ये उलटी या उबकाई किसी और

कारण से हो रही हो। उलटी या उबकाई के दूसरे कारण जैसे यूरिन इन्फेक्शन ( UTI ) आदि हो सकते है। अतः यदि इस नीचे दिए

गए लक्षण नजर आये तो डॉक्टर से परामर्श अवश्य करें।

— यदि उल्टी के साथ बुखार भी आता हो

— पीलिया के लक्षण जैसे आँखें और नाख़ून पीले नजर आना नजर आएं दिखें

— उल्टी के साथ दस्त भी हो रहे हों

— पेशाब में जलन हो या पेशाब बहुत गहरे रंग का आ रहा हो

— पेट में दर्द होता हो

— उल्टी के साथ रक्त दिखाई दे

— बहुत ज्यादा कमजोरी या बेहोशी होने जैसा महसूस हो

गर्भावस्था में उल्टी होती हो तो बाहर कैसे जाएँ

वैसे तो इस समय ज्यादा बाहर घूमना फिरना ठीक नहीं होता लेकिन फिर भी जरूरी हो तो अपने साथ जरूरत के सामान साथ लेकर जाना

चाहिए। ताकि अनावश्यक आपको या दूसरों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। अपने साथ बैग में टिशू पेपर, प्लास्टिक बैग, नींबू, नमक

हमेशा साथ रखें। इसके अलावा अपने साथ अनारदाना चूर्ण, फलों के स्वाद वाली टॉफी, पीपरमेंट की गोलिया आदि साथ रखने चाहिए।

थोड़े सूखे मेवे, बिस्किट, पानी की बोतल भी साथ रखें। बिस्किट या मेवे थोड़े थोड़े खाते रहने से उबकाई में आराम रहता है। नींबू सूंघने से

भी जी मिचलाना कम होता है।.

No comments:

Post a Comment

टोन्सिल की परेशानी दूर करने के उपाय

टॉन्सिल की परेशानी एक आम समस्या हैं और ये कभी न कभी सबको होता है। वैसे तो टोन्सिल की परेशानी किसी भी उम्र में हो सकती है परन्तु बचपन म...

Popular