एसिडिटी होने पर पेट में जलन, पेट फूलना, गैस बनना, जी घबराना आदि महसूस होते है।
एसिडिटी की अंग्रेजी दवा लंबे समय तक लेने से
बहुत से साइड इफेक्ट हो सकते है। इसलिए खाने पीने में बदलाव और दिनचर्या तथा कुछ तौर तरीके में बदलाव से एसिडिटी की समस्या पर
काबू पाया जा सकता है। यदि एसिडिटी की शुरुआत है तो बिना किसी दवा के भी एसिडिटी ठीक की जा सकती है। आइये देखते है वो कोनसे
बदलाव है जिन्हें अपनाने से इस समस्या को काबू में किया जा सकता है।
कृपया ध्यान दें: किसी भी लाल अक्षर वाले शब्द पर क्लीक करके उस शब्द के बारे में विस्तार से जान सकते है।
कुछ विशेष प्रकार की खाने की चीजों से एसिडिटी की परेशानिया बढ़ सकती है। अतः इन्हें जानना जरुरी होता है। ताकि उनका परहेज किया
जा सके। इनको पचाने के लिए पेट में अधिक एसिड बनता है या ये पेट में एसिडिक प्रभाव पैदा करते है।
खाने पीने के सामान में बदलाव
एसिडिटी होने पर जिन वस्तुओं का परहेज करना चाहिए वे इस प्रकार है:
शराब, कोल्ड ड्रिंक, शक्कर, चॉकलेट, टमाटर की सॉस, तेज मिर्च मसाले, अधिक चिकनाई वाला खाना, तला हुआ खाना ( पुड़ी, थेपला,
परौठा, पकौड़ी, टिकिया, कटलेट्स आदि ) मैदा से बनने वाले सामान ( नान, कचोरी, समोसा, मठरी आदि ), फ़ास्ट फ़ूड ( पिज़ा, बर्गर
आदि ) तथा चाय, कॉफी ।
कुछ खाने की चीजें जो क्षारीय पेट में प्रभाव पैदा करती है जिनसे एसिडिटी कम हो सकती है वो ये है:
ताजे पके फल, कम रेशे वाली पकाई हुई सब्जियाँ जैसे फूल गोभी, खीरा, बैंगन, लहसुन, आलू, शलगम, हरी मटर, मशरूम,
काशीफल ( कददु ), आदि । इसके अतिरिक्त अंकुरित अनाज, गेहूं के ज्वारे, गाजर, अंगूर, नींबू,, तरबूज, बादाम, कददु के बीज,
जैतून का तेल आदि पेट में क्षारीय प्रभाव डालते है। इनसे एसिडिटी में आराम मिलता है।
एसिडिटी बिना दवा मिटाने के लिए अपनाएं ये तरीके
— रोजाना के नाश्ते, दोपहर का खाना तथा रात का खाना इनका समय निश्चित करें। इससे उसी समय पर पेट में एसिड बनेगा और यह
आपको एसिडिटी को कंट्रोल करने में मदद करेगा।
— खाना अच्छे से चबा कर और धीरे धीरे खाएँ। खाना बिना चबाये निगलने से उसे पचाने के लिए पेट में अधिक एसिड बनता है। अधिक
एसिड के कारण भोजन के पोषक तत्व भी पूरे नहीं मिल पाते।
— कुछ अंग्रेजी दवाएँ एसिडिटी बढ़ाती है। यदि आपको एसिडिटी रहती है तो डॉक्टर को अवश्य बताएं ताकि वह ऐसी दवा ना दे।
— गर्भवस्था में अक्सर एसिडिटी की समस्या हो जाती है। यहाँ बताये अनुसार तौर तरीके बदलने से उसमे भी आराम मिलता है।
— खाना खाने के तुरन्त बाद सामने की तरफ झुकने या एक्सरसाइज करने से सीने में जलन पैदा हो सकती है। अतः ये ना करें।
— पेट पर बहुत कस कर पहने हुए कपड़े या अधिक टाइट लगाई हुई बेल्ट एसिडिटी बढ़ा सकती है। इन्हें थोड़ा लूज़ रखें।
— सुबह खाली पेट एक गिलास गर्म पानी पीने से एसिडिटी में आराम मिलता है।
— खाना खाने के तुरंत बाद सो जाने से पाचन सही तरीके से नहीं हो पाता और अधिक मात्रा में एसिड बनता है । इसलिए सोने से दो तीन घंटे
पहले खाना खा लेना चाहिए। शाम के खाने के बाद कुछ देर पैदल भी घूमना चाहिए।
— सिगरेट पीने की आदत एसिडिटी बढाती है। स्मोकिंग छोड़नी चाहिए। पढ़ें नशे से मुक्ति पाने के उपाय।
— टेंशन के कारण एसिडिटी बढ़ सकती है। मानसिक तनाव से मुक्ति पाने के लिए प्राणायाम सीखना चाहिए।
— अपने पलंग को सर की तरफ से 5 -6 इंच ऊँचा कर लें। इससे एसिड रिफ्लक्स कम हो जाता है।
— खाना एक साथ अधिक मात्रा में खाने से बचें। इसके बजाय कम खाना थोड़ी थोड़ी देर से खाना चाहिए।
— भोजन के साथ कोल्ड ड्रिंक पीने से एसिडिटी बढ़ती है। भोजन के साथ तरल ना लें, कोल्ड ड्रिंक तो बिल्कुल नहीं लें।
— खाली पेट रहने से एसिडिटी बढ़ती है। तीन चार घंटे में पेट खाली हो जाता है। ऐसे में एसिड के कारण पेट की अंदरूनी सतह को एसिड
के कारण नुकसान हो सकता है। अतः हर तीन चार घंटे से कुछ खा लेने से एसिडिटी में आराम मिलता है।
नीचे क्लीक करके इन्हें भी जानें और स्वस्थ रहें: –
सफर में जी घबराना उल्टी होना कैसे रोकें
गले में खराश के कारण और घरेलु नुस्खे
मुँह के छाले का असरदार उपाय
नाभि धरण खुद ठीक करें
मुँह की बदबू मिटाकर शर्मिंदगी से बचें
पीसीओडी का मासिक धर्म पर प्रभाव
नकसीर रोकने के घरेलु उपाय
हिचकी आना कैसे ठीक करें
खर्राटे से क्या नुकसान हो सकते है
डिप्रेशन के कारण और बचने के उपाय
कब्ज मिटाने के आसान घरेलु तरीके.
बहुत से साइड इफेक्ट हो सकते है। इसलिए खाने पीने में बदलाव और दिनचर्या तथा कुछ तौर तरीके में बदलाव से एसिडिटी की समस्या पर
काबू पाया जा सकता है। यदि एसिडिटी की शुरुआत है तो बिना किसी दवा के भी एसिडिटी ठीक की जा सकती है। आइये देखते है वो कोनसे
बदलाव है जिन्हें अपनाने से इस समस्या को काबू में किया जा सकता है।
कृपया ध्यान दें: किसी भी लाल अक्षर वाले शब्द पर क्लीक करके उस शब्द के बारे में विस्तार से जान सकते है।
कुछ विशेष प्रकार की खाने की चीजों से एसिडिटी की परेशानिया बढ़ सकती है। अतः इन्हें जानना जरुरी होता है। ताकि उनका परहेज किया
जा सके। इनको पचाने के लिए पेट में अधिक एसिड बनता है या ये पेट में एसिडिक प्रभाव पैदा करते है।
खाने पीने के सामान में बदलाव
एसिडिटी होने पर जिन वस्तुओं का परहेज करना चाहिए वे इस प्रकार है:
शराब, कोल्ड ड्रिंक, शक्कर, चॉकलेट, टमाटर की सॉस, तेज मिर्च मसाले, अधिक चिकनाई वाला खाना, तला हुआ खाना ( पुड़ी, थेपला,
परौठा, पकौड़ी, टिकिया, कटलेट्स आदि ) मैदा से बनने वाले सामान ( नान, कचोरी, समोसा, मठरी आदि ), फ़ास्ट फ़ूड ( पिज़ा, बर्गर
आदि ) तथा चाय, कॉफी ।
कुछ खाने की चीजें जो क्षारीय पेट में प्रभाव पैदा करती है जिनसे एसिडिटी कम हो सकती है वो ये है:
ताजे पके फल, कम रेशे वाली पकाई हुई सब्जियाँ जैसे फूल गोभी, खीरा, बैंगन, लहसुन, आलू, शलगम, हरी मटर, मशरूम,
काशीफल ( कददु ), आदि । इसके अतिरिक्त अंकुरित अनाज, गेहूं के ज्वारे, गाजर, अंगूर, नींबू,, तरबूज, बादाम, कददु के बीज,
जैतून का तेल आदि पेट में क्षारीय प्रभाव डालते है। इनसे एसिडिटी में आराम मिलता है।
एसिडिटी बिना दवा मिटाने के लिए अपनाएं ये तरीके
— रोजाना के नाश्ते, दोपहर का खाना तथा रात का खाना इनका समय निश्चित करें। इससे उसी समय पर पेट में एसिड बनेगा और यह
आपको एसिडिटी को कंट्रोल करने में मदद करेगा।
— खाना अच्छे से चबा कर और धीरे धीरे खाएँ। खाना बिना चबाये निगलने से उसे पचाने के लिए पेट में अधिक एसिड बनता है। अधिक
एसिड के कारण भोजन के पोषक तत्व भी पूरे नहीं मिल पाते।
— कुछ अंग्रेजी दवाएँ एसिडिटी बढ़ाती है। यदि आपको एसिडिटी रहती है तो डॉक्टर को अवश्य बताएं ताकि वह ऐसी दवा ना दे।
— गर्भवस्था में अक्सर एसिडिटी की समस्या हो जाती है। यहाँ बताये अनुसार तौर तरीके बदलने से उसमे भी आराम मिलता है।
— खाना खाने के तुरन्त बाद सामने की तरफ झुकने या एक्सरसाइज करने से सीने में जलन पैदा हो सकती है। अतः ये ना करें।
— पेट पर बहुत कस कर पहने हुए कपड़े या अधिक टाइट लगाई हुई बेल्ट एसिडिटी बढ़ा सकती है। इन्हें थोड़ा लूज़ रखें।
— सुबह खाली पेट एक गिलास गर्म पानी पीने से एसिडिटी में आराम मिलता है।
— खाना खाने के तुरंत बाद सो जाने से पाचन सही तरीके से नहीं हो पाता और अधिक मात्रा में एसिड बनता है । इसलिए सोने से दो तीन घंटे
पहले खाना खा लेना चाहिए। शाम के खाने के बाद कुछ देर पैदल भी घूमना चाहिए।
— सिगरेट पीने की आदत एसिडिटी बढाती है। स्मोकिंग छोड़नी चाहिए। पढ़ें नशे से मुक्ति पाने के उपाय।
— टेंशन के कारण एसिडिटी बढ़ सकती है। मानसिक तनाव से मुक्ति पाने के लिए प्राणायाम सीखना चाहिए।
— अपने पलंग को सर की तरफ से 5 -6 इंच ऊँचा कर लें। इससे एसिड रिफ्लक्स कम हो जाता है।
— खाना एक साथ अधिक मात्रा में खाने से बचें। इसके बजाय कम खाना थोड़ी थोड़ी देर से खाना चाहिए।
— भोजन के साथ कोल्ड ड्रिंक पीने से एसिडिटी बढ़ती है। भोजन के साथ तरल ना लें, कोल्ड ड्रिंक तो बिल्कुल नहीं लें।
— खाली पेट रहने से एसिडिटी बढ़ती है। तीन चार घंटे में पेट खाली हो जाता है। ऐसे में एसिड के कारण पेट की अंदरूनी सतह को एसिड
के कारण नुकसान हो सकता है। अतः हर तीन चार घंटे से कुछ खा लेने से एसिडिटी में आराम मिलता है।
नीचे क्लीक करके इन्हें भी जानें और स्वस्थ रहें: –
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गले में खराश के कारण और घरेलु नुस्खे
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हिचकी आना कैसे ठीक करें
खर्राटे से क्या नुकसान हो सकते है
डिप्रेशन के कारण और बचने के उपाय
कब्ज मिटाने के आसान घरेलु तरीके.

Nice post. Many people suffer from acidity all over the world. It is a common issue. You can overcome this issue by taking natural treatment for acidity.
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